हाशिमपुरा – उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास का एक काला अध्याय

विभूति नारायण राय जीवन के कुछ अनुभव ऐसे होतें हैं जो जिन्दगी भर आपका पीछा नहीं छोडतें . एक दु:स्वप्न की तरह वे हमेशा आपके साथ चलतें हैं और कई बार तो कर्ज की तरह आपके सर पर सवार रहतें हैं. हाशिमपुरा भी मेरे लिये कुछ ऐसा ही अनुभव है. 22/23 मई सन 1987 की…

कहीं नहीं है कहीं भी नहीं लहू का सुराग

विभूति नारायण राय टेलीफोन मिलाते ही जो रिंगटोन आयी वह थी चक दे इंडिया । इसमें कोई अजूबा नहीं था। आजकल हर तीसरी चौथी रिंगटोन यही होती है। खास तौर से नौजवानों के फोन की। मध्यवर्ग सपनों का सबसे बडा खरीददार होता है और चक दे इंडिया ने उसके सामने एक बडा लुभावना सपना बेचा…

घोर लापरवाही या गहरी साजिश ?

(Uday Prakash जी के फेसबुक वॉल से साभार) उदय प्रकाश बिलासपुर मेरे गांव से बमुश्किल दो घंटे की दूरी पर है और पेंड्रा, गौरेला, मरवाही तो लगभग लगे हुए हैं. राजनीतिक तकनीक के लिहाज से मेरा गांव सीतापुर मध्य प्रदेश के सीमांत पर है, उसी तरह, जैसे जहां अब मैं रहता हूं फ़िलहाल- वैशाली, वह उत्तर…

मैं तहज़ीबो-तमद्दुन की और सोसाइटी की चोली क्या उतारूँगा ?

“जिस नुक्स को मेरे नाम से मंसूब किया (जोड़ा जाता) है, दरअसल मौजूदा निज़ाम का नुक़्स है—मैं हंगामापसंद नहीं। मैं लोगों के खयालातो-जज़्बात में हैजान (उबाल) पैदा करना नहीं चाहता। मैं तहज़ीबो-तमद्दुन की और सोसाइटी की चोली क्या उतारूँगा जो है ही नंगी। मैं उसे कपड़े पहनाने की कोशिश भी नहीं करता, इसलिए कि यह…

रेहाना का आखिरी पैगाम अपनी माँ के नाम

दुनिया के तमाम कोनो से न्याय के लिए उठी मांग को ठुकराकर आखिरकार रेहाना जब्बारी को फांसी पर लटका दिया गया. अपनी फांसी के कुछ महीनो पूर्व रिकार्डेड ऑडियो की शक्ल में अपनी माँ शोलेह को भेजे 24 साला रेहाना के पैगाम का हिंदी तर्जुमा : (साभार : नवभारत टाइम्स) मेरी प्रिय मां, आज मुझे…

एक पुरानी रिपोर्ट

दिल्ली में घटित जघन्य यौन हिंसा ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है, शासक समूह और राजनीतिज्ञ इसके लिए आत्ममंथन करें या न करें हमारा समाज जरुर इस पर चिंतन मनन कर रहा है।।। जिस घटना पर समाज सिर्फ खुसुर फुसुर के स्वरों में ही बात करता था, आज इसके खिलाफ सडको पर है।।।…

इनविक्टस

अगर क्षमाशीलता , सहिष्णुता और उदारता को एक फ्रेम में कैद करना हो तो यह तस्वीर उसका बेहतरीन उदाहरण है … यह ऐतिहासिक तस्वीर १९९५ रग्बी विश्व कप फाइनल के अवार्ड वितरण समारोह की है, इसमें दक्षिण अफ्रीका के पहले ‘काले’ राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला विश्व कप विजेता दक्षिण अफ्रीका की रग्बी टीम के ‘गोरे’ कप्तान…